Tuesday, 31 October 2017

Tonsils Treatment & Symptoms – टोन्सिल के लक्षण और इलाज

टोन्सिल (tonsils) हमारे शरीर में पहले से ही मौजूद होता है, यह हमारे जीभ के पीछे की भाग से सटा हुआ होता है | यह हमारे गले में जहा पर नाक का छिद्र तथा मुख का छिद्र मिलता है, ठीक वही पर जीभ के पिछले भाग से जुडा हुआ स्थित पाया जाता है | सामान्य अवस्था में टोन्सिल से किसी भी तरह का परेशानी नहीं होती है | परन्तु अगर किसी कारण वास इसमें संक्रमण हो जाये या इसमें सुजन आ जाये तो इससे काफी दर्द होता है | दर्द के कारण कभी कभी खाना खाने में एवं मुह को खुलने में काफी तकलीफ होने लगता है |


Tonsils in Hindi

Waise to tonsil hamare sarir me janam se hi rahta hai, parantu jayda hone se Tonsils ke lakshan ko pakar kar ilaj kiya jaa sakta hai. Iski maujoodgi se hame samany taur par koi pareshani nahi hoti hai. Parantu jab kishi karan was agar jaise thande mausam ya thandi chij ke sampark me aane se tatha virus ya becteria se sankramit hone par tonsil me sujan aane lagta hai. Jiske karan gakle me tonsil wale bhag par tej dard hone lagta hai. Dard ke karan muh ko kholne me kafi taklif hoti hai sath hi khana khane baat karne jaise kamo me bhi badha taklif pahuchta hai.

टोन्सिल के लक्षण  / Tonsils ke lakshan   

गले में खरास महसूस होना |
कंठ में तेज दर्द रहना |
कान के निचले भाग में भी दर्द रहता है |
दर्द के कारण बुखार भी रहता है |
शरीर में कमजोरी लगने लगती है |
टोन्सिल होने के कारण

ठण्ड मौसम के कारण |
ठंडी चीज के सेवन करने से |
किसी तरह के virus या becteria के कारण हमारे गले में संक्रमण होने से |
ice cream खाने या ठंडी शीतल पेय को पिने से |
शर्दी जुकाम के कारण भी टोन्सिल होने लगता है |
टोन्सिल का उपचार / Treatment of tonsil / Tonsils ka ilaj

दूध, हल्दी, एवं  गोलकी (milk, turmeric and papper mint powder) –  दूध हल्दी एवं गोलकी का मिश्रण बना कर पिने से बुखार गले का दर्द और सुजन कम होने लगता है | इसी वजह से इस मिश्रण का इस्तेमाल टोन्सिल होने पर किया जाता है | क्योकि टोन्सिल होने पर बुखार दर्द और सुजन होने लगता है |


एक ग्लास में गर्म दूध ले |
उस दूध में आधा चम्मच हल्दी का powder तथा आधा चम्मच गोलकी का powder को मिलाकर घोल दे |
रोजाना रात में सोने से पहले उस दूध को पिये
नीबूं और शहद ( lemon and honey ) – नीबूं और honey में नमक मिला कर सेवन करने से गले की सुजन भी कम होता है, साथ में गले का खरास भी दूर होता है |

एक ग्लास गर्म पानी ले |
उसमे एक नीबूं को काट कर उसके आधे भाग से रस को गर्म पानी में निचोड़ दे |
फिर उस गर्म पानी में 2 से 3 चम्मच शहद को मिला दे |
रोजाना दिन में तीन (3) बार उस घोल को एक सप्ताह तक सेवन करे |
गाजर (carrot) – गाजर में कारोतें नाम की gradients होते है जिसके कारण गाजर का रंग लाल होता है | गाजर में पाए जाने वाले यह gradients antitoxicant होते है | गाजर के सेवन से गले में होने वाले संक्रमण से बचा जा सकता है | जो टोन्सिल (tonsil) होने से भी बचाता है |

2 से तीन गाजर को juice बना कर रोजाना दिन में तीन बार पिये |
चुकुन्दर (beet juice) – beet में भी toxic agents पाए जाते है | जो virus तथा बेक्टेरिया से होने वाले संक्रमण से बचाता है |

beet का इस्तेमाल भी juice बनाकर किया जा सकता है |
गर्म पानी से गर्गिल (gargil with luke warm water) – रोजाना सुबह उठ कर एक ग्लास हलके गर्म पानी में एक चम्मच नमक मिला कर गर्गिल करने से भी tonsil का सुजन कम होने लगता है |

क्या न करे (kya na kare)

अगर आपको tonsil हुआ हो तो कुछ बातो का खास ध्यान रखना काफी आवाश्यक हो जाता है, जैसे-

दही , मलाई वाली दूध आदि का सेवन न करे |
मसालेदार खाना , तला हुआ चीजो को खाने से परहेज करे |
अगर आपको tonsil की परेशानी है तो आप धुम्रपान न करे तो बेहतर होगा |
किसी भी प्रकार की ठंडी चीजो का सेवन करने से बचने की कोशिस करनी चाहिए |
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